छोड़िए ये सब बातें। इक्कीसवीं सदी का असली ज्ञान-केंद्र है—व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी। यह भारत भूमि की वह अद्वितीय पाठशाला है जहाँ दाखिला हर उस व्यक्ति को मिलता है जिसके पास दो चीज़ें हैं:
1. स्मार्टफोन
2. और दिमाग… जो दूसरों के दिमाग से चलने को राज़ी हो।।
यहाँ न फीस लगती है, न एडमिशन फॉर्म। न एंट्रेंस टेस्ट, न रिज़ल्ट। ज्ञान की गंगा हर सुबह “Good Morning” के साथ बहती है और रात होते-होते “देखिए इस वीडियो को डिलीट करने से पहले!” में तब्दील हो जाती है। यह विश्वविद्यालय न केवल ज्ञान देता है, बल्कि ज्ञान का अहंकार भी देता है। यहाँ से निकलने वाला हर छात्र एक walking-talking Encyclopedia बन जाता है और बन जाता है Google और Wikipedia के लिए भी खतरे की घंटी।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी: “जहाँ तर्क दम तोड़ता है, वहीं ज्ञान का असली प्रकाश फूटता है!
संरचना एवं परिसर
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का कोई भौतिक परिसर नहीं है। इसका विस्तार आपकी मामी के ग्रुप से शुरू होकर आपके पापा के “देशभक्त मित्र” ग्रुप तक फैला है। इसके कुलपति कोई नहीं, लेकिन हर एडमिन अधिपति है।
हर ग्रुप एक विभाग है: –
देश की सच्चाई : राजनीतिक विज्ञान विभाग
इतिहास विभाग “अकबर नहीं लुटेरा था” थीसिस
आयुर्वेदिक इलाज और गऊ महिमा: मेडिकल और विज्ञान विभाग
जागो हिंदू जागो: सांस्कृतिक अध्ययन विभाग
प्रवेश प्रक्रिया
यहाँ ऐडमिशन में मेरिट नहीं, मूड देखा जाता है। प्रवेश हेतु योग्यता केवल इतनी है –स्मार्टफोन, एक सीमित डेटा पैक और असीमित विश्वास। एक बार ग्रुप में जुड़ जाएँ फिर न लॉजिक काम करता है न लॉजिक बोर्ड।
जिस दिन आप विज्ञान से ऊब जाएँ और इतिहास में एंटायर पॉलिटिकल साइंस मिलाना चाहें बस उसी दिन आपको एक ग्रुप में जोड़ा जाएगा और वही क्षण होगा जब आपका दिमाग व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में “Uninstall for Update” हो जाएगा।
कोर्स एवं पाठ्यक्रम
स्नातक स्तर (UG-Courses)
कोर्स
पाठ्यक्रम
B.A. (भ्रमाचार्य)
1.प्राचीन भारत में प्लास्टिक सर्जरी और इंटरनेट 2. मुगल = आतंकवादी (व्याकरण की अनुमति से) 3. हर मुसलमान पाकिस्तान का एजेंट है जब तक वो बीजेपी में ना आ जाए
B.Sc. (जैविक विज्ञान)
शुद्ध देसी गोमूत्र से कोरोना भी भागता है।
B.A. (राजनीति का विज्ञान )
1. जानिए ताजमहल दरअसल तेजोमहालय है। 2. नेहरू नहीं होता तो पाकिस्तान हमारा होता
परास्नातक स्तर(PG- Courses)
कोर्स
पाठ्यक्रम
M.A. (वास्तविकता का विमर्श)
1.हर न्यूज़ चैनल बिक चुका है लेकिन आपका फॉरवर्ड सत्य का अंतिम स्तंभ है। 2. UNESCO ने मोदी को विश्वगुरु घोषित किया
M.Sc. (मिथ्या साइंस)
1. गोमूत्र और कैंसर: जो बोले वही कैंसरग्रस्त है 2. 5G टावर से बांझपन कैसे बढ़े 3. दूध में हल्दी मिलाओ, ब्रह्मा तक जीवित हो जाएँगे
M.A. (विश्व षड्यंत्र शास्त्र )
बिल गेट्स का टीका, 5G टावर और चिप्स से आपका डीएनए बदला जा रहा है।
PHD (Doctor of Philosophy)
PHD (एंटायर पोलिटिकल साइंस)
वीर सावरकर महान स्वतंत्रता सैनानी
नेहरू की आत्मा हर समस्या की जड़ है
“इस्लामी जनसंख्या विस्फोट: एक काल्पनिक अध्ययन”
गोपाल कृष्ण गोखले बनाम WhatsApp गोपाल -तुलनात्मक अध्ययन
PhD (फॉरवर्ड ध्वनि प्रचार)
क्यों विपक्ष राष्ट्रविरोधी है?
गांधी नहीं, गोडसे महान था-एविडेंस: अनाम JPEG
मोदी = 56 इंच = 560 IQ = ब्रह्मांडीय नेता
पाठ्यपुस्तकें
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की किताबें .jpeg, .png और .mp4 फॉर्मेट में आती हैं। टेक्स्ट बमुश्किल दो लाइन का होता है और दावा ब्रह्मवाक्य सरीखा-“सारे मीडिया वाले छुपा रहे हैं, आप तक सच्चाई पहुंचाएँ।” ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें। जय श्री राम !”
प्रशिक्षकगण
यहाँ हर कोई प्रोफेसर है, हर कोई गुरु है। आपकी कॉलोनी के मिश्रा जी जो कभी बिजली का बिल नहीं भरते, आज अमेरिका की चुनावी नीति समझा रहे हैं। कोचिंग की क्या ज़रूरत जब फॉरवर्ड वाला चुटकुला ही अनपढ़ से IAS” बना दे। प्रो. मवाली रंजन: जो हर पोस्ट के बाद “अबे बिकाऊ है तू” कहकर बहस समाप्त मानते हैं। श्रीमान देशभक्त नारायण उर्फ़ ठुल्ला चाचा: जो हर सुबह “सच्चाई छुपाई जा रही है!” कहकर 2013 का वीडियो भेजते हैं। डॉ. पम्मी जी: जो हल्दी, नींबू और तुलसी से प्लूटो तक की यात्रा करवा देती हैं।
प्रश्नपत्र का स्वरूप (SAMPLE PAPER)
परीक्षा प्रणाली: जब कुतर्क ही उत्तरपत्र हो ।
निम्नलिखित प्रश्नों की तैयारी की जा सकती है।
प्रश्न 1: राहुल गांधी ने दाढ़ी क्यों बढ़ाई? क्या यह तालिबानी सोच का प्रतीक है?
प्रश्न 2: ताजमहल को तोड़ा जाए या हिन्दू वेरिएंट में पुनर्निर्माण हो? उत्तर दें… गुस्से में।
प्रश्न 3: “देश को खतरा है…” इस वाक्य को पूरा करें बिना किसी रिसर्च के।
प्रश्न 4: अरविन्द केजरीवाल की एक तस्वीर देखकर बताइए कि वह किस साजिश में लिप्त हैं?
प्रश्न 5: गोमूत्र में कितने प्रकार के रोग समाप्त होते हैं (आपका अनुभव बताएँ)?
प्रश्न 6: “मोदी भारत के रक्षक हैं…” इस वाक्य को पूरा कर 500 शब्दों का निबंध लिखिए।
Note:उत्तर देने की शैली: Caps Lock में, अंत में तीन बार “जय श्रीराम” और बीच-बीच में “कांग्रेसियों की तो…Dash..Dash…” जैसी साहित्यिक गालियाँ अनिवार्य।
तैयारी करने के लिए निम्नलिखित गतिविधियां अनिवार्य हैं::
1. न्यूज़ चैनल बंद कर के ज्ञानवापी पर डिस्कशन
2. गाय की पीठ पर सूर्यास्त होते देखना
3. हर हफ्ते किसी नए मुस्लिम बच्चे को आतंकवादी घोषित करना -“सांस्कृतिक Bingo” खेलते हुए
प्रसिद्ध Alumni (पूर्व छात्र)
चचा राष्ट्रवादी:– जो हर बहस में पाकिस्तान भेजने की अंतिम चेतावनी देते हैं।
गौतम ज्ञानपुंज:– जो हर वैक्सीन को विष बता चुके हैं और फिर चुपचाप लगवा भी चुके हैं।
सावित्री संस्कृति देवी:– जो 5G से संस्कार बर्बाद होने पर चिंतित हैं, पर रील्स लगातार बनाती हैं।
देशभक्त भैया जी:– हर वीडियो की शुरुआत “ये देखो मीडिया नहीं दिखाएगा” से करते हैं।
भारत माता की दीदी:– जिनके अनुसार टमाटर महंगे होने की वजह भी औरतों की आज़ादी है।
न्यू इंडिया अंकल:– जो हर WhatsApp फॉरवर्ड को RTI के जवाब से बड़ा मानते हैं।
उपसंहार
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी एक विचार नहीं मिशन है। इसका उद्देश्य है- तथ्य का पोस्टमार्टम और अफवाहों का महात्म्यकरण। यहाँ हर झूठ पर “सच की मुहर” लगी होती है और हर तर्क “देशद्रोह” के कटघरे में खड़ा होता है।
“श्रद्धा का जतन करें, तर्क का त्याग करें, यही WhatsApp धर्म है!”
तो दोस्तों, अगली बार जब आप “देखिए मोदी जी ने क्या कर दिखाया” या “ये वीडियो डिलीट होने से पहले देख लीजिए” जैसे संदेश देखें तो जान लीजिए आप यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में बैठ चुके हैं। प्रोफेसर शर्मा जी लेक्चर शुरू कर चुके हैं। यह संस्थान केवल ज्ञान नहीं देता, ज्ञान का ईगो देता है। यहाँ से निकलने वाला छात्र हँसता नहीं, दूसरों को हँसने लायक नहीं समझता। वो डॉक्टर, इंजीनियर, इतिहासकार, गूगल, विकिपीडिया – सबको गलत साबित कर चुका होता है… अपने फॉरवर्ड से।
तो देर किस बात की? जुड़िए इस महान ज्ञान यात्रा में। “देखिए, ये पोस्ट डिलीट होने से पहले ज़रूर पढ़ लीजिए…” इस अद्भुत विश्वविद्यालय में नाम लिखवाइए, सवाल पूछने की क्षमता त्यागिए, और फेसबुक-ट्विटर पर राष्ट्र निर्माण में जुट जाइए। क्योंकि जहाँ तर्क की हार होती है, वहाँ व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की शुरुआत होती है ।
“ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें। जय श्री राम!”
नोट: यह ब्लॉग पूरी तरह व्यंग्य है। जो पढ़े, वो समझे। जो न समझे…उसका एडमिशन पक्का है।
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